विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
रविवार, 16 मई 2021
चूम कर हाथ उनके
पायल, काजल, बिंदी,
इतराते है साथ जिनके,
करते है हम सजदा,
चूम कर हाथ उनके.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें