विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
मंगलवार, 25 मई 2021
फ़िर भी अभी एहतियात जरूरी है
तैयारियों की स्याह रात जरूरी है,
जंग से पहले मुलाक़ात जरूरी है,
ये तय है आखरी जंग तुमसे होगी,
फ़िर भी अभी एहतियात जरूरी है.
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