विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
रविवार, 16 मई 2021
कि तुझ से इश्क़ कर बैठूं
ए ज़िन्दगी इतना न संवर,
कि तुझ से इश्क़ कर बैठूं.
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