रविवार, 16 मई 2021

अब ख्वाबों में मिलेंगे

कुछ किताबों में मिलेंगे,
कुछ वादों में मिलेंगे,

बिखर गए है तेरे बिना,
अब ख्वाबों में मिलेंगे.

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