विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
रविवार, 23 मई 2021
दूर हो
क्यों तुम,
मजबूर हो,
क्यों इतनी
मगरूर हो,
क्यों मैं,
तन्हा हूं,
क्यों तुम
दूर हो.
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