विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
मंगलवार, 25 मई 2021
इश्क़ का पागलपन
आंखों का सूनापन,
सागर का खारापन,
नही देखा जाता, ये
इश्क़ का पागलपन.
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