विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
मंगलवार, 18 मई 2021
जान लौट आई शहर में
आज बहार आई शहर में,
रौनक लौट आई शहर में,
बेक़रार हैं कि आज मेरी,
जान लौट आई शहर में.
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