विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
गुरुवार, 3 जून 2021
तुम मधुर संगीत सी हो
तुम मेरे मीत सी हो,
तुम मेरे गीत सी हो,
आवाज़ों के जंगल में,
तुम मधुर संगीत सी हो.
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