विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
शनिवार, 5 जून 2021
वो नीचे अपनी ज़मी है
किस बात की कमी है,
आंखों में क्यों नमी है,
होगा आसमान उसका,
वो नीचे अपनी ज़मी है.
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