विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
शुक्रवार, 18 जून 2021
कि बहुत दिखें है हम शामों में तुम्हारें साथ
आ ही जाता है तेरा नाम मेरे नाम के साथ,
कि बहुत दिखें है हम शामों में तुम्हारें साथ.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें