शनिवार, 23 अप्रैल 2022

ज़िन्दगी मुस्कुराने लगी

देखो! तुम्हारे आने से,
दवा असर करने लगी,

देखो! एक बार फिर,
ज़िन्दगी मुस्कुराने लगी.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें