विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
गुरुवार, 28 सितंबर 2023
उस शाम में रहा
कोई एक हसीं शाम,
तेरे साथ गुजारी थी, फिर तमाम उम्र मैं, उस शाम में रहा.
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