विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
गुरुवार, 28 सितंबर 2023
क्या बताए पांव में कितने छाले पड़े हैं
राह-ए-तबाही पर चल पड़े हैं, तुम्हें
क्या बताए पांव में कितने छाले पड़े हैं.
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