विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
शुक्रवार, 30 अप्रैल 2021
ऐ मेरे बुजुर्ग गांव
ऐ मेरे बुजुर्ग गांव,
तेरे अलाव की वो कहानियां,
तेरी नदियों में वो नहाना,
तेरे खेतो की वो फसले,
तेरे साथ मेरा वो बचपन,
तेरी मिट्टी की वो खुशबू,
मुझे हरदम याद आती है,
ऐ मेरे बुजुर्ग गांव.
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