सोमवार, 26 अप्रैल 2021

शाम में....मैं विशाल..

शाम में..

महसूस करता हूँ मैं,
मद्धिम पवन,
शीतल जल,

महसूस करता हूँ मैं,
चहकते पंछी,
नाचती तितलियां,

महसूस करता हूँ मैं,
खिलते फूल,
गुनगुनाते भंवरे,

महसूस करता हूँ मैं,
निश्छल प्रेम,
निस्वार्थ समर्पण..

नदी किनारे,
तेरी यादों के संग,
महसूस करता हूं,
खुद ही को बस,
शाम में....
मैं विशाल..

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