विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
सोमवार, 26 अप्रैल 2021
तेरे चाहने वाले बाकी सारे होंगे
चांद होगा, सितारें होंगे,
महफ़िल में दोस्त सारे होंगे,
एक हमी न होंगे वहां,
तेरे चाहने वाले बाकी सारे होंगे.
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