विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
गुरुवार, 22 अप्रैल 2021
करती मुझे बेकरार
पलकों से इजहार,
आंखों से इनकार,
शरारतें आंखों की,
करती मुझे बेकरार.
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