विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
गुरुवार, 22 अप्रैल 2021
तू मुझे अपना सा लगा
आज चांद बेचैन सा लगा,
जाने क्यों तुझ सा लगा,
पहली ही मुलाक़ात में,
तू मुझे अपना सा लगा.
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