शुक्रवार, 30 अप्रैल 2021

चौराहे पे खड़ी खाकी..

पसीने से तर खाकी,
खून से सनी खाकी..

तुमसे अपना हक मांगती,
चौराहे पे खड़ी खाकी..

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