विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
सोमवार, 26 अप्रैल 2021
मुझे भूल जाओ ऐसी कोई बात तो न थी
मेरी चाहत में वफ़ा की
शर्त तो न थी,
तेरी बेवफ़ाई की कोई
वजह तो न थी,
तुम किसी और को चाहो,
और बात है, पर..
मुझे भूल जाओ ऐसी कोई
बात तो न थी.
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