विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
रविवार, 23 मई 2021
और खुद को 'अश्क़' लिखता हूं
फटी डायरी में ख़्वाब लिखता हूं,
हमारे इश्क़ की दास्तां लिखता हूं,
सुनो ! मैं तुम्हें 'याद' लिखता हूं,
और खुद को 'अश्क़' लिखता हूं.
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