विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
शुक्रवार, 14 मई 2021
इज़हार-ए-इश्क़ फ़रमाते रहिए
प्यार करते है तो जताते रहिए,
हाल-ए दिल भी बताते रहिए,
ज़नाब, खुश करने महबूब को,
इज़हार-ए-इश्क़ फ़रमाते रहिए.
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