सोमवार, 10 मई 2021

मैं रात का इंतज़ार करता हूं

जब तन्हाई से बात करता हूं,
तेरा ज़िक्र हर बार करता हूं,

तन्हाई तुझ में खोई रहती है,
मैं रात का इंतज़ार करता हूं.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें