विशाल_सरोज
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सोमवार, 10 मई 2021
तो क्या है
तेरी ही फिक्र,
तेरा ही ज़िक्र,
ये इश्क़ नही,
तो क्या है.🌹
मैं रात का इंतज़ार करता हूं
जब तन्हाई से बात करता हूं,
तेरा ज़िक्र हर बार करता हूं,
तन्हाई तुझ में खोई रहती है,
मैं रात का इंतज़ार करता हूं.
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