विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
रविवार, 30 मई 2021
सबकुछ तेरा है
ये अहद मेरा है,
ये संघर्ष मेरा है,
तू उठ खड़ा हो,
सबकुछ तेरा है.
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