रविवार, 30 मई 2021

किस सड़क पर

वो खड़ी थी दूर वहां,
उस सड़क पर,
मैं दे न सका ख़त,
जिस सड़क पर,

कोई निशानी होती गर उसकी,
जी ही लेते,
वो मुझे न जाने मिलेगी,
किस सड़क पर.

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