विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
गुरुवार, 7 अप्रैल 2022
बेवफ़ाई का हुनर मुझ में नही
कांटा हूं मेरी फ़ितरत है चुभना,
बेवफ़ाई का हुनर मुझ में नही.
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