रविवार, 10 अप्रैल 2022

इतनी जल्दी भी क्या है

जी भर के देख ले उन्हें,
ऐ ज़िन्दगी! थोड़ा ठहर,
इतनी जल्दी भी क्या है,

ख़लल न हो ईबादत में,
ऐ दिल! आहिस्ते धड़क,
इतनी जल्दी भी क्या है,

थोड़ा रो ले, इश्क़ में है,
ऐ वक़्त! तुझे जाने की,
इतनी जल्दी भी क्या है.

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