विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
रविवार, 10 अप्रैल 2022
पर इतना वक़्त कहां रहता है
तो आस पास रहता है,
सुना है बड़ा उदास रहता है,
सोचते है पूछेंगे हाल कभी,
पर इतना वक़्त कहां रहता है.
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