मंगलवार, 9 अगस्त 2022

ज़ीया था कोई ज़िन्दगी, लोग कहेंगे

क्या! मौत मारेगी, क्या! हम मरेंगे,
ज़ीया था कोई ज़िन्दगी, लोग कहेंगे.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें