विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
मंगलवार, 9 अगस्त 2022
ज़ीया था कोई ज़िन्दगी, लोग कहेंगे
क्या! मौत मारेगी, क्या! हम मरेंगे,
ज़ीया था कोई ज़िन्दगी, लोग कहेंगे.
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