विशाल_सरोज
Personal collection of poems, shayari, etc
बुधवार, 28 अप्रैल 2021
मुझे ढूंढती तो होंगी
सोचता हूं..
शहर के बियाबां से,
गांव की ओर,
कोई पगडंडी जाती तो होगी,
आज भी बूढ़े बरगद की आंखें,
मुझे ढूंढती तो होंगी.
2 टिप्पणियां:
Unknown
29 अप्रैल 2021 को 8:45 am बजे
Bahut khoob Sirr...💐💐💐
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विशाल 'सरोज'
29 अप्रैल 2021 को 12:27 pm बजे
Thank You 🙏
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Bahut khoob Sirr...💐💐💐
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